कैसे अपने आँगन में ज़्यादा पक्षी लाएँ?
- mktpromeal
- Sep 26, 2025
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आपके आँगन में पक्षियों की चहचहाहट सुनना और उन्हें दाना खाते हुए देखना जितना सुखद होता है, उतना ही उन्हें आकर्षित करना हमेशा आसान नहीं होता। बीज और फल काम तो आते हैं, लेकिन यदि आप सच में पक्षियों को खुश देखना चाहते हैं, तो सबसे बेहतर विकल्प है—जीवित मीलवर्म्स।
मीलवर्म्स पक्षियों के लिए प्राकृतिक, पौष्टिक और रोमांचक आहार हैं। ये उन्हें शक्ति, ऊर्जा और वैसा ही भोजन देते हैं जैसा वे प्रकृति में खाते हैं। आइए कदम-दर-कदम जानते हैं कि जीवित मीलवर्म्स और कुछ सरल बदलावों की मदद से आप अपने आँगन को कैसे एक बर्ड-फ्रेंडली स्वर्ग में बदल सकते हैं।
1. क्यों खास हैं जीवित मीलवर्म्स?
जीवित मीलवर्म्स सिर्फ एक पक्षी आहार नहीं हैं—ये प्रकृति का एक परफेक्ट पैकेज हैं जिसमें पोषण और आकर्षण दोनों शामिल हैं। पक्षी इन्हें एक प्राकृतिक भोजन स्रोत मानते हैं क्योंकि मीलवर्म्स वैसे ही दिखते, चलते और हिलते-डुलते हैं जैसे वे कीड़े जिन्हें पक्षी जंगल में शिकार करते हैं। यही हलचल तुरंत पक्षियों का ध्यान खींचती है और उनकी प्राकृतिक शिकार प्रवृत्ति को जगाती है, जिससे मीलवर्म्स बीज या अनाज की तुलना में कहीं अधिक रोमांचक लगते हैं।

पोषण की दृष्टि से मीलवर्म्स एक पावरहाउस हैं। इनमें प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो पक्षियों के लिए सबसे ज़रूरी पोषक तत्व है। प्रोटीन स्वस्थ पंखों की वृद्धि में मदद करता है, मांसपेशियों को मज़बूत रखता है, और पैरेंट बर्ड्स को अपने बच्चों को तेज़ और स्वस्थ विकास के लिए सही आहार खिलाने में मदद करता है। इसके अलावा, मीलवर्म्स फैट से भरपूर होते हैं, जो पक्षियों को रोज़मर्रा की गतिविधियों—जैसे उड़ना, गाना, भोजन ढूँढना और कठिन मौसम में जीवित रहना—के लिए ज़रूरी ऊर्जा देता है। आसान भाषा में कहें तो बीज और फल पेट भर सकते हैं, लेकिन मीलवर्म्स पक्षियों को मज़बूत, सक्रिय और स्वस्थ बनाए रखते हैं।
मीलवर्म्स का एक और बड़ा फ़ायदा है कि ये नर्म शरीर वाले और आसानी से पचने योग्य होते हैं। यही कारण है कि ये वयस्क पक्षियों और उनके बच्चों दोनों के लिए सुरक्षित हैं। सख्त बीज या बड़े आहार की तुलना में मीलवर्म्स जल्दी खाए और घोंसले में बच्चों को खिलाए जा सकते हैं, बिना किसी जोखिम के। गौरैया, रॉबिन्स और ब्लूबर्ड्स जैसे कीटभक्षी पक्षियों के लिए मीलवर्म्स कोई अतिरिक्त ट्रीट नहीं हैं—बल्कि वही आहार हैं, जिसके लिए उनका शरीर बना है।
प्राकृतिक आकर्षण, उच्च पोषण और आसान पाचन का यह अनोखा संयोजन ही जीवित मीलवर्म्स को बाकी सभी पक्षी आहारों से अलग बनाता है। वे न केवल पक्षियों को आपके आँगन तक खींचते हैं, बल्कि उन्हें स्वस्थ रखते हैं, मज़बूत बच्चों की परवरिश में मदद करते हैं और रोज़ नई ऊर्जा और चहचहाहट के साथ आपके पास लौटने के लिए प्रेरित करते हैं।
2. कौन-कौन से पक्षी मीलवर्म्स सबसे ज़्यादा पसंद करते हैं?

मीलवर्म्स कई पक्षियों के पसंदीदा आहार हैं, लेकिन कुछ प्रजातियाँ इनकी ओर और भी ज़्यादा आकर्षित होती हैं। गौरैया अपने बच्चों को उत्साह से मीलवर्म्स खिलाती हैं, जबकि रॉबिन्स कोई भी मौका नहीं छोड़ते इन्हें खाने का। ब्लूबर्ड्स तो लगभग इन पर निर्भर रहते हैं, इसीलिए मीलवर्म्स इन रंगीन पक्षियों को आकर्षित करने का सबसे बेहतरीन तरीका हैं।
छोटे कीट-भक्षी पक्षी जैसे रेन्स, चिकाडी और टिटमाइस प्रोटीन से भरपूर इन मीलवर्म्स को कभी नज़रअंदाज़ नहीं कर पाते। यहाँ तक कि बड़े पक्षी जैसे वुडपेकर और स्टारलिंग्स भी इन्हें मज़े से खाते हैं।
अन्य दोस्ताना आँगन के मेहमानों में मैना शामिल है, जो कीड़े और फल दोनों पसंद करती है; बुलबुल, जो अक्सर फलों के साथ प्रोटीन-युक्त भोजन भी खाती है; और थ्रश या ब्लैकबर्ड्स, जो प्राकृतिक रूप से कीड़े पकड़ने वाले शिकारी होते हैं। कुछ क्षेत्रों में आपको वॉर्बलर, नटहैच और यहाँ तक कि जेज़ भी दिखाई दे सकते हैं।
मीलवर्म्स ऑफर करके आप केवल एक-दो प्रजातियों को नहीं बल्कि ढेर सारे पक्षियों को आमंत्रित करते हैं। इससे आपका आँगन एक लाइवली बर्ड कैफ़े में बदल सकता है, जहाँ रोज़ नए मेहमान चहकते और गाते हुए आते हैं।
3. पक्षियों को मीलवर्म्स की सबसे ज़्यादा ज़रूरत कब होती है?
मीलवर्म्स पूरे साल एक मूल्यवान आहार स्रोत हैं, लेकिन कुछ विशेष समय ऐसे होते हैं जब ये पक्षियों के लिए और भी ज़्यादा ज़रूरी हो जाते हैं।
वसंत – प्रजनन का मौसम (Breeding Season):
वसंत में माता-पिता पक्षी अपने बच्चों को खिलाने में व्यस्त रहते हैं। इस समय उन्हें मुलायम, प्रोटीन से भरपूर और आसानी से पचने वाला भोजन चाहिए होता है। जीवित मीलवर्म्स इसके लिए बिल्कुल उपयुक्त हैं, क्योंकि ये चूज़ों (नन्हे पंछी) को तेज़ी से बढ़ने और स्वस्थ रहने में मदद करते हैं।
गर्मी – पंख बदलने का समय (Molting):
गर्मियों में कई पक्षी अपने पुराने पंख गिराकर नए पंख उगाते हैं। क्योंकि पंख मुख्य रूप से प्रोटीन से बने होते हैं, इसलिए मीलवर्म्स उन्हें मज़बूत और चमकदार पंख विकसित करने के लिए सही पोषण प्रदान करते हैं।

प्रवास काल (Migration – वसंत और शरद ऋतु):
कुछ पक्षी लंबी दूरी की यात्राएँ करते हैं। इन यात्राओं के लिए बहुत अधिक ऊर्जा की ज़रूरत होती है। मीलवर्म्स में मौजूद प्रोटीन और फैट उन्हें ताक़त देते हैं ताकि वे अपनी उड़ान पूरी कर सकें।
सर्दी:
ठंडे महीनों में कीड़े-मकौड़े मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में मीलवर्म्स पक्षियों के लिए एक भरोसेमंद पोषण स्रोत बन जाते हैं और उन्हें सर्दियों से सुरक्षित निकलने में मदद करते हैं।
इन महत्वपूर्ण समयों पर मीलवर्म्स उपलब्ध कराकर आप पक्षियों को उनके जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण चरणों में सहारा देते हैं।
4. मीलवर्म्स कैसे खिलाएँ?
बगीचे या आँगन के पक्षियों को जीवित मीलवर्म्स खिलाना आसान है, लेकिन कुछ छोटे-छोटे कदम इसे आपके और आपके पंखों वाले मेहमानों दोनों के लिए और भी बेहतर बना सकते हैं। हमेशा मीलवर्म्स को चौड़े और उथले बर्तन या फीडर में परोसें, जिसकी दीवारें चिकनी हों ताकि वे बाहर न रेंग सकें। इसके लिए विशेष मीलवर्म फीडर भी उपलब्ध हैं, लेकिन एक साधारण कटोरी भी काम कर सकती है, पक्षियों के लिए उसे आसानी से पहुँचना संभव हो।

स्थान चुनते समय, फीडर को पेड़ों, झाड़ियों या रेलिंग के पास रखें। पक्षी पास में छिपने की जगह होने पर अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं, क्योंकि इससे उन्हें शिकारी से बचने का जल्दी रास्ता मिल जाता है। यदि फीडर को बिल्कुल खुले स्थान पर रखा गया तो शर्मीले पक्षी उसके पास आने से हिचक सकते हैं।
सुबह के समय थोड़ी मात्रा में शुरू करें, जब पक्षी सबसे अधिक सक्रिय होते हैं और दिन की शुरुआत के लिए भोजन ढूँढ रहे होते हैं। धीरे-धीरे, जब आप देखेंगे कि कितने पक्षी नियमित रूप से आ रहे हैं, तो आप मात्रा बढ़ा सकते हैं।
मीलवर्म्स को ताज़ा और स्वस्थ बनाए रखने के लिए उन्हें हवादार डिब्बे में रखें जिसमें ब्रान या ओट्स भरे हों। उनमें नमी और भोजन देने के लिए कुछ गाजर या आलू के टुकड़े डाल दें। इससे मीलवर्म्स कई दिनों या हफ़्तों तक जीवित, हिलते-डुलते और पक्षियों को आकर्षित करने वाले बने रहेंगे।
इन सरल तरीकों से आप मीलवर्म्स को अपने आँगन के पक्षियों के लिए सुरक्षित, भरोसेमंद और रोमांचक आहार बना सकते हैं।
5. पानी देना न भूलें
सिर्फ़ खाना ही काफी नहीं है—पक्षियों को पानी की भी ज़रूरत होती है। अपने आँगन में एक उथला बर्डबाथ रखें और उसमें का पानी रोज़ बदलें। पक्षी उससे पानी पीते भी हैं और उसमें नहाकर अपने पंखों को साफ़ व स्वस्थ भी रखते हैं।
यदि संभव हो, तो एक छोटा टपकता पाइप या फव्वारा लगाएँ, क्योंकि बहता या हिलता हुआ पानी और भी ज़्यादा पक्षियों को आकर्षित करता है।
6. पक्षियों को आश्रय दें

खाना पक्षियों को आपके आँगन तक तो ले आता है, लेकिन आश्रय (shelter) ही उन्हें रुकने पर मजबूर करता है। पक्षी हमेशा ऐसी सुरक्षित जगह तलाशते हैं जहाँ वे आराम कर सकें, शिकारी से छिप सकें और अपने बच्चों की परवरिश कर सकें। प्राकृतिक और कृत्रिम आश्रय का मिश्रण जोड़कर आप अपने आँगन को उनके लिए एक सच्चा घर बना सकते हैं।
झाड़ियाँ, छोटे पेड़ या बड़े गमलों में हरियाली लगाएँ—ये पक्षियों को प्राकृतिक छाया और आराम करने की जगह देते हैं। यही पौधे कीड़े भी आकर्षित करते हैं, जो उनके लिए अतिरिक्त भोजन बन जाते हैं। घोंसले के लिए सहयोग करना चाहें तो अपने बगीचे या बालकनी के शांत कोनों में लकड़ी या मिट्टी के घोंसला बॉक्स रखें। गौरैया, रेन या ब्लूबर्ड जैसे पक्षी इन्हें सुरक्षित घोंसला बनाने के लिए अक्सर इस्तेमाल करते हैं।
प्रजनन के मौसम में आप सूखी घास, भूसा या नारियल के रेशे जैसे प्राकृतिक घोंसला सामग्री भी रख सकते हैं। पक्षी इन्हें तुरंत उठा ले जाते हैं और मज़बूत व आरामदायक घोंसले बना लेते हैं। ध्यान रखें कि प्लास्टिक धागे या कृत्रिम सामग्री कभी न रखें, ये बच्चों के लिए ख़तरनाक हो सकते हैं।
जब आपका आँगन खाना और आश्रय दोनों प्रदान करता है, तो पक्षी वहाँ खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। वे रोज़ लौटकर आते हैं और कई बार तो अपना परिवार भी वहीं बसाने का निर्णय लेते हैं।
7. साफ़ और सुरक्षित माहौल बनाएँ
पक्षियों को स्वस्थ रखने के लिए फीडर और बर्डबाथ को हफ़्ते में एक बार ज़रूर धोएँ। हमेशा पुराना या खराब खाना हटा दें।
बगीचे में कीटनाशक (pesticides) या रसायन इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि ये कीड़ों को ज़हरीला बना देते हैं और सीधे पक्षियों के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
साथ ही, पक्षियों को खिड़की से टकराने से बचाने के लिए फीडर को काँच से या तो बिलकुल पास रखें या फिर काफी दूर।
अगर घर में बिल्ली है, तो ध्यान दें कि वह पक्षियों के खाने की जगह के पास न आए।
8. अतिरिक्त सुझाव जो मदद करेंगे

फलदार या फूलदार पौधे जैसे गुड़हल, अमरूद या शहतूत लगाएँ। ये पक्षियों को स्वाभाविक रूप से आकर्षित करते हैं।
भोजन की जगह को शांत रखें और ऊँची आवाज़ या शोर से बचें।
रात में फीडर के पास तेज़ रोशनी का उपयोग न करें; उसकी जगह हल्की सौर (solar) लाइट का इस्तेमाल करें।
धैर्य रखें—कभी-कभी पक्षियों को आपके फीडर तक आने में हफ़्तों लग सकते हैं, लेकिन एक बार आदत बन गई तो वे रोज़ लौटकर आएँगे।
पक्षियों को आकर्षित करना सिर्फ भोजन देने से ज़्यादा है—यह उनके लिए एक सुरक्षित और स्वागतपूर्ण माहौल बनाने के बारे में है।
पक्षियों को आकर्षित करना सिर्फ भोजन देने से ज़्यादा है—यह उनके लिए एक सुरक्षित और स्वागतपूर्ण माहौल बनाने के बारे में है।
सभी आहारों में से, जीवित मीलवर्म्स सबसे बड़ा राज़ हैं। ये प्रोटीन, वसा और ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिन्हें पक्षी मना नहीं कर सकते। यही पोषण उन्हें प्रजनन, पंख बदलने, प्रवास और ठंडे मौसम में स्वस्थ रहने में मदद करता है।
जब आप मीलवर्म्स को ताज़े पानी, सुरक्षित आश्रय और स्वच्छ वातावरण के साथ उपलब्ध कराते हैं, तो आपका आँगन एक जीवंत बर्ड सेंक्चुरी में बदल जाता है। थोड़े धैर्य के बाद आप अपने घर के बाहर ही पक्षियों की खुशनुमा चहचहाहट, फड़फड़ाते पंख और प्रकृति की सुंदरता का आनंद ले पाएँगे।
अगर आप चाहते हैं कि आपका आँगन हर दिन पक्षियों की चहचहाहट से गूंजे, तो सिर्फ दाना ही नहीं बल्कि प्राकृतिक और पौष्टिक आहार भी ज़रूरी है। साधारण बीज और फल पक्षियों को आकर्षित तो करते हैं, लेकिन उन्हें लंबे समय तक रोक कर रखने का सबसे असरदार तरीका है जीवित और सूखे कीट।
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